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शहीद हसन नसरुल्लाह उम्मत के लिए ढाल थे। फिलिस्तीन प्रतिरोध

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शहीद हसन नसरुल्लाह उम्मत के लिए ढाल थे। फिलिस्तीन प्रतिरोध

फिलिस्तीन और ग़ाज़ा की प्रतिरोध समितियों ने घोषणा की कि, आज फिलिस्तीन और ग़ाज़ा में हमारे दिल ग़म से भरे हुए हैं और हमारी आत्मा दुखी है, क्योंकि हमारे महान शहीद, सैयद हसन नसरुल्लाह उम्मत के लिए एक ढाल और अत्याचार, साम्राज्यवाद और मज़लूम के खिलाफ एक तलवार थे।

फिलिस्तीन और ग़ाज़ा की प्रतिरोध समितियों ने घोषणा की कि, आज फिलिस्तीन और ग़ाज़ा में हमारे दिल ग़म से भरे हुए हैं और हमारी आत्मा दुखी है, क्योंकि हमारे महान शहीद, सैयद हसन नसरुल्लाह उम्मत के लिए एक ढाल और अत्याचार, साम्राज्यवाद और वैश्विक उत्पीड़न के खिलाफ एक तलवार थे।

वह साहस और बलिदान के प्रतीक थे और उन्होंने हमें धर्म, भूमि, परिवार और मातृभूमि की रक्षा करने की धरोहर दी, जो उनके महान बलिदानों से परे है।

फिलिस्तीन प्रतिरोध समितियों ने जोर दिया हम हमेशा शहीद उम्मत और मानवता, सैयद हसन नसरुल्लाह के मार्ग पर दृढ़ रहेंगे। उनकी आवाज़ समय के बाद भी हमारे साथ होगी, उनका साया हमारे ऊपर रहेगा, उनके मार्ग की ईमानदारी और उनका वादा और कार्य हमारे सामने होंगे।

यह दिन प्रतिरोध के इतिहास में एक महत्वपूर्ण मोड़ है क्योंकि अब शहीदों के खून से एक नया सूरज उगेगा जो पूरी उम्मत और प्रतिरोध की धुरी के लिए एक नई शुरुआत करेगा।

फिलिस्तीन प्रतिरोध समितियों ने कहा,हम महान शहीद कमांडर, सैयद हसन नसरुल्लाह और उनके शहीद साथी सैयद हाशिम सफ़ीउद्दीन के साथ यह संकल्प करते हैं कि झंडा जमीन पर नहीं गिरेगा, खून बेकार नहीं जाएगा और लोग उनके रास्ते से नहीं हटेंगे।

वह रास्ता जो सबसे ऊँचे शहीदों के नाम से सुशोभित है और सबसे शुद्ध खून से सना हुआ है। शहीदों के बलिदान से ही यह संघर्ष मजबूत हुआ है और अब, उनके दिखाए गए रास्ते को अपनाकर उम्मत नई शक्ति के साथ आगे बढ़ेगी

 

 

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