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आयतुल्लाह मीलानी ने वास्तव में मशहद के हौज़ा ए इल्मिया का पुनर्जीवन किया

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आयतुल्लाह मीलानी ने वास्तव में मशहद के हौज़ा ए इल्मिया का पुनर्जीवन किया

आयतुल्लाहिल उज़मा सैयद मोहम्मद हादी मीलानी को श्रद्धांजलि पेश करने की कॉन्फ़्रेंस के प्रबंधकों ने गुरुवार 25 दिसम्बर 2025 की सुबह तेहरान के इमाम ख़ुमैनी इमामबाड़े में इस्लामी इंक़ेलाब के नेता आयतुल्लाहिल उज़मा सैयद अली ख़ामेनेई से मुलाक़ात की।

इस मुलाक़ात में इस्लामी इंक़ेलाब के नेता ने इस कॉन्फ़्रेंस के आयोजन की सराहना करते हुए, मरहूम आयतुल्लाह मीलानी को आध्यात्मिक, नैतिक, इल्मी और सामाजिक लेहाज़ से एक बहुआयामी शख़्सियत क़रार दिया और कहा कि आयतुल्लाह मीलानी ने सही मानी में मशहद के धार्मिक केन्द्र को दोबारा ज़िंदगी दी और यह धार्मिक केन्द्र मरहूम का ऋणी है।

उन्होंने कहा कि व्यक्तिगत लेहाज़ से आयतुल्लाह मीलानी एक प्रतिष्ठित, शिष्ट और संजीदा इंसान होने के साथ ही विनम्र, दोस्तों से वफ़ादार, कोमल आत्मा वाले और शायरी का शौक़ रखने वाली शख़्सियत थे।

आयतुल्लाह ख़ामेनेई ने अपने समय के सामाजिक और राजनैतिक मामलों में उनके सरगर्म होने की ओर इशारा करते हुए कहाः जनाब मीलानी 1960 के दशक के आग़ाज़ में जब संघर्ष शुरू हुआ, वाक़ई इस्लामी आंदोलन के स्तंभ थे और वे मसलों के केन्द्र में रहते थे जैसा कि इमाम ख़ुमैनी रहमुत्लाह अलैह की गिरफ़्तारी के बाद उनका दूसरे धर्मगुरुओं के साथ तेहरान का सफ़र, राजनैतिक मामलों में उनकी प्रभावी मौजूदगी का नमूना है।

इस्लामी इंक़ेलाब के नेता ने इस्लामी इंक़ेलाब के सपोर्ट में आयतुल्लाह मीलानी के ओर से जारी होने वाले ठोस, शिष्ट और मज़बूत बयान को उस दौर के राजनैतिक मामलो में इन मरहूम की प्रभावी मौजूदगी का दूसरा नमूना बताया और कहाः इमाम ख़ुमैनी को तुर्किए जिलावतन किए जाने के बाद, उनके सपोर्ट में, उनका ख़त एक तारीख़ी दस्तावेज़ है।

उन्होने अंत में उम्मीद ज़ाहिर की कि इस कॉन्फ़्रेंस का आयोजन, आयतुल्लाह मीलानी की शख़्सियत के विभिन्न आयामों से लोगों को परिचित कराने की भूमिका बनेगा।

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