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ईरान की यूरेनियम संवर्धन अब वार्ताओं का केंद्रीय नहीं रहा

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ईरान की यूरेनियम संवर्धन अब वार्ताओं का केंद्रीय नहीं रहा

इज़राइली अख़बार हाआरेत्ज़ ने स्वीकार किया है कि ईरान और अमेरिका के बीच संभावित समझौते में यूरेनियम संवर्धन अब मूल मुद्दा नहीं रह गया है, जबकि जलडमरूमध्य-ए-हुरमुज़ को समुद्री यातायात के लिए दोबारा खोलना और ईरान को युद्ध से हुए नुक़सान का मुआवज़ा देना महत्वपूर्ण विषय बन गया हैं।

,इज़राइली अख़बार हाआरेत्ज़ ने स्वीकार किया है कि ईरान और अमेरिका के बीच संभावित समझौते में यूरेनियम संवर्धन अब मूल मुद्दा नहीं रह गया है, जबकि जलडमरूमध्य-ए-हुरमुज़ को समुद्री यातायात के लिए दोबारा खोलना और ईरान को युद्ध से हुए नुक़सान का मुआवज़ा देना महत्वपूर्ण विषय बन गया हैं।

हाआरेत्ज़ में प्रकाशित एक रिपोर्ट में कहा गया है कि ईरान को अमेरिका के साथ समझौता करने की कोई जल्दबाज़ी नहीं है।

इज़राइली अख़बार ने अमेरिका के साथ वार्ताओं में ईरान की मज़बूत स्थिति का उल्लेख करते हुए लिखा कि नई पेशकशों का उद्देश्य युद्ध के दौरान ईरान को हुए नुक़सान की भरपाई करना और जलडमरूमध्य-ए-हुरमुज़ को पुनः अंतरराष्ट्रीय समुद्री आवाजाही के लिए खोलना है। हालांकि, इन प्रस्तावों में यूरेनियम संवर्धन से जुड़े मूलभूत मतभेदों को सीधे तौर पर चर्चा का विषय नहीं बनाया गया है।

हाआरेत्ज़ ने यह भी लिखा कि ईरान फिलहाल किसी प्रकार की रियायत देने के लिए तैयार दिखाई नहीं देता और ऐसा लगता है कि तेहरान को किसी समझौते तक पहुंचने की कोई जल्दी नहीं है।

अख़बार ने मौजूदा स्थिति की तुलना एक व्यंग्यात्मक परिदृश्य से करते हुए कहा कि लगभग हो चुका समझौता इज़राइल के लोकप्रिय व्यंग्य कार्यक्रम “एरेट्ज़ नेहेदेरेट” के किसी स्केच का शीर्षक हो सकता था, लेकिन वर्तमान स्थिति इतनी वास्तविक है कि इसे केवल मज़ाक नहीं कहा जा सकता।

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