हुज्जतुल इस्लाम वल मुस्लिमीन सैयद मेंहदी क़ुरैशी ने कहा कि अमेरिका द्वारा अपने वादों और समझौतों का उल्लंघन करना उसकी दबंगई और आक्रामक मानसिकता को दर्शाता है।
पश्चिमी अज़रबैजान में सर्वोच्च नेता के प्रतिनिधि हुज्जतुल इस्लाम वल मुस्लिमीन सैय्यद मेंहदी क़ुरैशी ने कहा कि अमेरिका द्वारा अपने वादों और समझौतों का उल्लंघन करना उसकी दबंगई और आक्रामक मानसिकता को दर्शाता है।
उन्होंने उरमिया के विलायत-ए-फ़क़ीह चौक पर आयोजित एक जनसभा में सर्वोच्च नेता के हालिया संदेश का उल्लेख करते हुए कहा कि राष्ट्रपति ट्रंप द्वारा अपने वचन और हस्ताक्षर से पीछे हटना इस बात का प्रमाण है कि अमेरिका की असली पहचान दबाव, प्रभुत्व और बल प्रयोग की नीति है। उन्होंने आरोप लगाया कि ईरान के स्कूलों और अस्पतालों पर हुए हमले इसी मानसिकता के उदाहरण हैं।
क़ुरैशी ने कहा कि पवित्र क़ुरआन में वचन निभाने पर ज़ोर दिया गया है और जो व्यक्ति अपने वादे तोड़ता है, वह ईश्वर की दृष्टि में गंभीर अपराध करता है। उनके अनुसार, अमेरिका का समझौतों का उल्लंघन उसकी अविश्वसनीयता को उजागर करता है।
उन्होंने लोगों और अधिकारियों से राष्ट्रीय एकता बनाए रखने की अपील करते हुए कहा कि आलोचना रचनात्मक होनी चाहिए और ऐसे आरोपों या विवादों से बचना चाहिए जो आंतरिक विभाजन पैदा करें या विरोधियों को लाभ पहुँचाएँ।
क़ुरैशी ने सशस्त्र बलों की हालिया कार्रवाई की सराहना करते हुए कहा कि इससे विरोधियों को कड़ा जवाब मिला है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि यदि प्रतिरोध जारी रहा तो अंततः ईरानी राष्ट्र की सफलता और विरोधियों की पराजय होगी।
उन्होंने शहीद नेता के अंतिम संस्कार में बड़ी संख्या में लोगों की भागीदारी का उल्लेख करते हुए इसे असाधारण बताया और कहा कि तेहरान, क़ुम, इराक और मशहद में लोगों की उपस्थिति ने पूरी दुनिया का ध्यान आकर्षित किया। उनके अनुसार, विरोधियों को उम्मीद थी कि नेतृत्व की शहादत के बाद प्रतिरोध कमज़ोर पड़ जाएगा, लेकिन जनसैलाब ने इसके विपरीत संदेश दिया हैं।