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ईरान के अस्पतालों और स्कूलों पर हमला अमेरिका की बेबसी और पतन का प्रमाण हैं

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ईरान के अस्पतालों और स्कूलों पर हमला अमेरिका की बेबसी और पतन का प्रमाण हैं

 हुज्जतुल इस्लाम वल मुस्लिमीन मेंहदी कुर्दलू ने अमेरिका द्वारा ईरान के बुनियादी ढांचे, अहवाज़ के शहीद बक़ाई अस्पताल तथा मीनाब के एक स्कूल पर किए गए हमलों की कड़ी निंदा की हैं।

क़ज़वीन प्रांत के बसीज-ए-तुल्लाब व रुहानियून संगठन के प्रमुख हुज्जतुल इस्लाम मेंहदी कुर्दलू ने अमेरिका द्वारा ईरान के बुनियादी ढांचे, अहवाज़ के शहीद बक़ाई अस्पताल तथा मीनाब के एक स्कूल पर किए गए हमलों की कड़ी निंदा की हैं।

उन्होंने कहा कि बच्चों के कैंसर अस्पताल, रिहायशी इलाकों और स्कूलों को निशाना बनाना मानवता और मानवाधिकार की सभी सीमाओं को पार करने वाला अपराध है। उनके अनुसार, यह दुश्मन की कमजोरी और ईरानी राष्ट्र के सामने उसकी बेबसी का स्पष्ट संकेत है।

कुर्दलू ने कहा कि जो देश स्वयं को मानवाधिकारों का समर्थक बताते हैं, वे ऐसे हमलों को कैसे उचित ठहरा सकते हैं? उन्होंने दावा किया कि ईरानी राष्ट्र को झुकाने में असफल रहने के कारण दुश्मन इस प्रकार की कार्रवाइयों का सहारा ले रहा है, लेकिन अंततः विजय ईरान की होगी।

उन्होंने कहा कि इन हमलों से स्पष्ट हो गया है कि दुश्मन किसी भी नैतिक या मानवीय सीमा का पालन नहीं करता और उसे अपने कृत्यों का उत्तर अवश्य मिलेगा।

कुर्दलू ने आगे कहा कि दुश्मन यह सोचकर ईरान के सैन्य कमांडरों और "शहीद नेता" को निशाना बनाता है कि इससे इस्लामी गणराज्य को कमजोर किया जा सकेगा, जबकि हर शहीद का खून राष्ट्र को और अधिक जागरूक तथा दृढ़ बनाता है।

उन्होंने लोगों से विलायत-ए-फ़क़ीह के प्रति निष्ठावान रहने और सर्वोच्च नेतृत्व के निर्देशों का पालन करने का आह्वान करते हुए कहा कि नेतृत्व का मार्गदर्शन हमेशा देश के लिए राह दिखाने वाला रहा है।

अंत में उन्होंने कहा कि आयतुल्लाह सैय्यद मुजतबा हुसैनी ख़ामनेई की नेतृत्व शैली, उनके अनुसार, इमाम ख़ुमैनी और "शहीद नेता" आयतुल्लाह सैय्यद अली ख़ामनेई की परंपरा के अनुरूप है तथा देश की उन्नति और सफलता नेतृत्व के मार्गदर्शन का अनुसरण करने में निहित है।

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