इराक़ी इस्लामी प्रतिरोध ने एक बयान जारी कर सऊदी अरब को कड़ी चेतावनी दी है। संगठन ने सऊदी शासन के उस दावे को पूरी तरह ख़ारिज कर दिया है, जिसमें कहा गया था कि उसके कुछ तेल प्रतिष्ठानों पर हुए हमलों का स्रोत इराक़ है।
,इराक़ी इस्लामी प्रतिरोध ने एक बयान जारी कर सऊदी अरब को कड़ी चेतावनी दी है। संगठन ने सऊदी शासन के उस दावे को पूरी तरह ख़ारिज कर दिया है, जिसमें कहा गया था कि उसके कुछ तेल प्रतिष्ठानों पर हुए हमलों का स्रोत इराक़ है।
बयान में कहा गया कि, यह आरोप निराधार और तथ्यों से परे हैं। संगठन का दावा है कि सऊदी अरब इन आरोपों के माध्यम से यमन द्वारा उसके महत्वपूर्ण तेल और रणनीतिक ठिकानों पर किए जा रहे प्रभावी हमलों के सामने अपनी असफलता को छिपाने का प्रयास कर रहा है।
इराक़ी इस्लामी प्रतिरोध ने स्पष्ट शब्दों में चेतावनी देते हुए कहा कि, यदि सऊदी अरब ने कोई भी “मूर्खतापूर्ण” या आक्रामक क़दम उठाया, तो उसका दृढ़ और निर्णायक जवाब दिया जाएगा। बयान के अनुसार, ऐसा जवाब सऊदी नेतृत्व को अपने फैसले पर पछताने के लिए मजबूर कर देगा।
संगठन ने अपने बयान में सऊदी अरब से यह भी कहा कि वह यमन की जनता पर वर्षों से जारी नाकाबंदी को समाप्त करने की दिशा में कदम उठाए। बयान में आरोप लगाया गया कि बार-बार दूसरे देशों पर आरोप लगाने के बजाय सऊदी अरब को क्षेत्रीय तनाव कम करने और यमन संकट के समाधान पर ध्यान देना चाहिए।
यह बयान ऐसे समय में सामने आया है, जब क्षेत्र में तनाव लगातार बढ़ रहा है और यमन से जुड़े घटनाक्रमों को लेकर विभिन्न पक्ष एक-दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप लगा रहे हैं।