आईआरजीसी ने ईरान लौटने वाले पूर्व युद्धबंदियों के राष्ट्रीय दिवस के अवसर पर जारी एक बयान में कहा कि वह इस्लामी क्रांति की रक्षा देश की क्षेत्रीय अखंडता, स्वतंत्रता, सम्मान और राष्ट्रीय हितों की सुरक्षा के लिए पूरी क्षमता के साथ तैयार है।
बयान में कहा गया कि इस्लामी क्रांति के समर्पित रक्षक प्रतिरोध और दृढ़ता से प्रेरणा लेते हुए, अल्लाह पर भरोसा तथा इस्लामी क्रांति के नेता और ईरानी सशस्त्र बलों के कमांडर-इन-चीफ आयतुल्लाह सैयद मुज्तबा हुसैनी खामेनेई के निर्देशों के तहत हर तरह की धमकी और आक्रामकता को पूरी शक्ति और प्रभावी कार्रवाई के माध्यम से नाकाम करेंगे।
आईआरजीसी ने कहा कि दुश्मन की कैद से मुक्त हुए ईरानी योद्धा धैर्य, दृढ़ता और प्रतिरोध के वास्तविक उदाहरण हैं। उन्होंने कैद यातना और अपनों से लंबे समय तक बिछड़ने जैसी कठिन परिस्थितियों के बावजूद अपने संकल्प और ईमान को बनाए रखा। उनकी कुर्बानियां ईरान के इतिहास में हमेशा एक मूल्यवान आध्यात्मिक विरासत के रूप में याद की जाएंगी।
बयान में आगे कहा गया कि आजादगान ए ईरान देश की सच्चाई और उसके साथ हुए अन्याय के प्रतीक, शहीदों के खून के उत्तराधिकारी तथा धैर्य और प्रतिरोध के आदर्श हैं।
आईआरजीसी ने इस अवसर पर सभी आजादगान को श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि वह राष्ट्र को भरोसा दिलाता है कि सशस्त्र बलों की अन्य संस्थाओं के साथ पूर्ण समन्वय के जरिए इस्लामी क्रांति की रक्षा तथा देश की क्षेत्रीय अखंडता, स्वतंत्रता, सम्मान और राष्ट्रीय हितों की सुरक्षा के लिए अपनी पूरी तैय्यारी बनाए रखेगा।