क़ज़वीन में आठ साल के ईरान-इराक युद्ध के पूर्व सैनिक और संघर्षशील धर्मगुरु हुज्जतुल-इस्लाम असदुल्लाह रज़वानी के सम्मान में आयोजित कार्यक्रम में उन्होंने कहा कि ईरान ने दुश्मनों की साजिशों, युद्ध और धमकियों का सामना किया और उन्हें नाकाम बनाया। उनके अनुसार आज ईरान पश्चिमी एशिया की एक बड़ी क्षेत्रीय शक्ति के रूप में सामने आया है।
अरफ़ानी ने कहा कि अमेरिकी राष्ट्रपति ईरान को धमकाने या नुकसान पहुंचाने की स्थिति में नहीं हैं और ईरानी जनता दुश्मनों के दबाव से डरने वाली नहीं है।
उन्होंने कहा कि ईरानी जनता ने हाल के युद्ध में भी दिखाया कि अगर कोई देश उसकी सीमाओं का उल्लंघन करता है तो वह उसका मुकाबला कर सकती है।
उन्होंने आगे कहा कि ईरान की जनता आज भी मजबूती से खड़ी है और अमेरिका के सामने प्रतिरोध ने देश को सम्मान, तरक्की और राजनीतिक जागरूकता दी है।
उन्होंने कुरआन और इतिहास का हवाला देते हुए कहा कि मुश्किल परिस्थितियों में धैर्य और मजबूती से मुकाबला करने से जीत हासिल की जा सकती है। उनके अनुसार हज़रत अली (अ.) की शिक्षा भी यही है कि धैर्य और प्रतिरोध करने वाला इंसान जीत से वंचित नहीं होता।
अरफ़ानी ने दावा किया कि आज अमेरिका और इज़राइल ने कुछ मामलों में अपने रुख में पीछे हटना शुरू किया है और इसका कारण ईरानी जनता का प्रतिरोध और दुश्मन की धमकियों से न डरना है।
उन्होंने कहा कि अमेरिका ने ईरान में इस्लामी क्रांति के शुरुआती दौर से ही आर्थिक समस्याएं पैदा कीं और लंबे समय तक ईरान पर आर्थिक प्रतिबंध लगाए। लेकिन उनके अनुसार इन प्रतिबंधों से ईरान कमजोर होने के बजाय कई क्षेत्रों में आगे बढ़ा।
उन्होंने शहीदों और युद्ध के पूर्व सैनिकों को याद करते हुए कहा कि आज ईरान की सुरक्षा, ताकत और तरक्की में शहीदों का बड़ा योगदान है। उन्होंने कहा कि ईरानी जनता नेतृत्व का पालन करते हुए और अपनी एकता बनाए रखते हुए शहीदों के रास्ते पर आगे बढ़ रही है।
उन्होंने यह भी कहा कि दुश्मन मीडिया अभियान और अलग-अलग तरह के दबावों के जरिए ईरानी जनता के विश्वास को कमजोर करने की कोशिश कर रहे हैं। लेकिन जनता की जागरूकता और शहीदों के रास्ते पर चलते रहने से इन साजिशों को नाकाम किया जा सकता है।
अंत में उन्होंने कहा कि दुश्मनों का उद्देश्य ईरानी जनता में डर पैदा करना और उसकी एकता को कमजोर करना था। लेकिन उनके अनुसार ईमान, एकता, त्याग और नेतृत्व के कारण ईरानी जनता ने मजबूती दिखाई और इसे अपनी जीत में बदल दिया।