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सय्यद सदरूद्दीन क़ब्बांची: शहीद इमाम ख़ामेनेई एक वैश्विक व्यक्तित्व थे, जो जातीय और भौगोलिक सीमाओं से आगे निकल गए

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सय्यद सदरूद्दीन क़ब्बांची: शहीद इमाम ख़ामेनेई एक वैश्विक व्यक्तित्व थे, जो जातीय और भौगोलिक सीमाओं से आगे निकल गए

नजफ़ अशरफ़ के इमाम जुमा हुज्जतुल इस्लाम वल मुस्लिमीन सैयद सद्रुद्दीन क़बांची ने कहा कि शहीद इमाम सैयद अली ख़ामेनेई एक वैश्विक व्यक्तित्व थे, जो जातीय और भौगोलिक सीमाओं से आगे बढ़कर पूरी दुनिया में प्रभाव रखते थे।

उन्होंने यह बात इस्लामी गणराज्य ईरान के नेतृत्व की ओर से आए एक उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात के दौरान कही। प्रतिनिधिमंडल में हुज्जतुल इस्लाम वल मुस्लेमीन मोहसिनी क़ुम्मी, आयतुल्लाह सय्यद हाशिम हुसैनी बुशहरी, आयतुल्लाह काबई और आयतुल्लाह सय्यद मुजतबा हुसैनी शामिल थे।

प्रतिनिधिमंडल ने इराक़ की जनता और सर्वोच्च धार्मिक मरजइयत का अंतिम संस्कार और अरबईन के कार्यक्रमों में सहयोग तथा भागीदारी के लिए धन्यवाद दिया। उन्होंने आयतुल्लाह सय्यद मुजतबा ख़ामेनेई की ओर से भी इराक़ की जनता के लिए धन्यवाद और आभार का संदेश पहुँचाया।

प्रतिनिधिमंडल ने नजफ़ की सर्वोच्च धार्मिक मरजइयत आयतुल्लाह सैयद अली सीस्तानी, इराक़ सरकार और हुसैनी मोअक्किबों के प्रयासों की भी सराहना की।

इस अवसर पर सय्यद सद्रुद्दीन क़ब्बांची ने कठिन परिस्थितियों में इराक़ की जनता के समर्थन के लिए ईरान, उसकी जनता और नेतृत्व का आभार व्यक्त किया। उन्होंने इमाम ख़ामेनेई की शहादत पर ईरानी जनता के प्रति संवेदना भी व्यक्त की और आयतुल्लाह सय्यद मुजतबा ख़ामेनेई के चयन पर उन्हें बधाई दी।

उन्होंने कहा कि इराक़ में धार्मिक चेतना का विस्तार हो रहा है और वह सॉफ्ट वॉर का सामना करने की क्षमता रखती है। उन्होंने लाखों लोगों की ज़ियारत, विशेष रूप से ज़ियारत-ए-अरबईन, को इस धार्मिक चेतना के विकास का प्रमुख प्रमाण बताया।

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