केंद्रीय प्रांत के इमामे-जुमआ के साथ एक बैठक में हुज्जतुल-इस्लाम फ़रहानी ने सर्वोच्च नेता के बयानों का उल्लेख करते हुए “ख़ून का बदला” के मुद्दे को महत्वपूर्ण और रणनीतिक विषयों में से एक बताया। उन्होंने कहा कि इज़राइली शासन का अस्तित्व ही बदले की भावना के आधार पर बना है और इस मुद्दे पर गंभीरता से काम किया जाना चाहिए।
उन्होंने सर्वोच्च नेता के हवाले से कहा कि सरकार और संबंधित संस्थाओं का दायित्व है कि वे “ख़ून का बदला” के मुद्दे को रणनीतिक स्तर पर आगे बढ़ाएँ। यह सभी सांस्कृतिक और सामाजिक संस्थाओं के लिए एक स्पष्ट जिम्मेदारी है।
केंद्रीय प्रांत के इस्लामी प्रचार विभाग के महानिदेशक ने कहा कि हर शहीद का बदला लेने का एक मामला है और इसकी उपेक्षा राष्ट्रीय सुरक्षा तथा समाज के भविष्य के हितों के विपरीत है। उन्होंने कहा कि इस विचारधारा में मजबूत प्रतिरोधक क्षमता है और इसका लोगों की जीवनशैली पर सीधा प्रभाव पड़ता है।
उन्होंने इस विचारधारा को आम लोगों तक पहुँचाने की आवश्यकता पर ज़ोर देते हुए कहा कि ख़ून का बदला लेना एक सामूहिक जिम्मेदारी है और इसे समाज के सभी स्तरों पर, विशेष रूप से मीडिया और सांस्कृतिक क्षेत्र में, सही ढंग से स्पष्ट किया जाना चाहिए।
आज सामाजिक वातावरण में इस मुद्दे की कमी को पूरा करने और इस विचारधारा को लगातार बनाए रखने तथा मजबूत करने की आवश्यकता है।
हुज्जतुल इस्लाम फ़रहानी ने कहा कि सर्वोच्च नेता ने इस संबंध में हमारे लिए स्पष्ट जिम्मेदारी निर्धारित की है और हमारा कर्तव्य है कि हम लोगों से संवाद करें तथा इस मुद्दे को समाज के सामने सही ढंग से स्पष्ट करें।