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आयतुल्लाहिल उज़्मा शुबैरी ज़ंजानी एक शोधकर्ता और गहरी अंतर्दृष्टि रखने वाले आलिम थे

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आयतुल्लाहिल उज़्मा शुबैरी ज़ंजानी एक शोधकर्ता और गहरी अंतर्दृष्टि रखने वाले आलिम थे

सर्वोच्च नेता हज़रत सैयद मुजतबा हुसैनी ख़ामेनेई ने महान फकीह और शिया जगत के प्रथम श्रेणी के शोधकर्ताओं में शामिल हज़रत आयतुल्लाहिल उज़्मा शुबैरी ज़ंजानी के निधन पर शोक व्यक्त करते हुए संवेदना प्रकट की।

 हज़रत आयतुल्लाह सैयद मुजतबा ख़ामेनेई ने हज़रत आयतुल्लाह सैयद मूसा शुबैरी ज़ंजानी के निधन पर दुख व्यक्त करते हुए शोक संदेश जारी किया है।

शोक संदेश कुछ इस प्रकार है:

बिस्मिल्लाहिर्रहमानिर्रहीम

इन्ना लिल्लाहि व इन्ना इलाही राजी'उन

महान उस्ताद और उच्च मकाम के फकीह, हज़रत आयतुल्लाहिल उज़्मा शुबैरी रिज़वानुल्लाहि तआला अलैह के निधन की दुखद खबर मिली। इस महान आलिम ने अपना पूरा जीवन शिक्षा हासिल करने, शिक्षा देने और शोध के मार्ग में गुज़ारा। अपने समकालीन विद्वानों और उस्तादों की नज़र में वे हमेशा एक शोधकर्ता और गहरी अंतर्दृष्टि रखने वाले विद्वान के रूप में जाने जाते थे।

शरीयत के अहकाम से संबंधित विभिन्न ज्ञान-विधाओं पर उनकी गहरी पकड़ थी और वे बारीकियों तथा सूक्ष्म पहलुओं का विशेष ध्यान रखते थे। उनके दर्स की मजलिसें, यहां तक कि जब उनमें कुछ ही लोग शामिल होते थे, शोध, गहन अध्ययन और बारीकी से जांच-पड़ताल के लिए प्रसिद्ध थीं और वास्तव में वे ऐसी ही थीं।

अल्लाह का शुक्र है कि पिछले लगभग तीन दशकों से कुछ अधिक समय में बड़ी संख्या में लोगों को यह अवसर मिला कि वे अपनी क्षमता के अनुसार उनके बहुमूल्य ज्ञान और व्यक्तित्व से लाभ उठाएं और अपने वैज्ञानिक तथा शिक्षण कार्यों के लिए उनसे ज्ञान प्राप्त करें। उनका दरबार ज्ञान देने और हासिल करने का केंद्र था। यहां तक कि दर्स के बाद पैदल उनके घर की ओर जाते समय भी उनसे ज्ञान और मार्गदर्शन प्राप्त होता था।

उनकी निर्विवाद वैज्ञानिक और इल्मी प्रतिष्ठा के अलावा, छात्रों और विद्वानों के साथ उनका विनम्र और पिता जैसा व्यवहार भी स्पष्ट और सीखने योग्य था।

निस्संदेह, इस महान व्यक्तित्व का निधन आज के दौर में शिया जगत के प्रथम श्रेणी के शोधकर्ताओं की पंक्ति में एक बड़ी कमी पैदा कर गया है, जिसकी भरपाई में शायद काफी समय लगेगा।

मैं इस दुखद अवसर पर अपने मौला हज़रत इमाम महदी अ.ज.की बारगाह, हौज़ात-ए-इल्मिया, विशेष रूप से उनके चाहने वालों और खास तौर पर उस सम्मानित परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त करता हूं, जिसने अनेक विद्वानों को जन्म दिया। मैं अल्लाह तआला की बारगाह में उनके दर्जात की बुलंदी की दुआ करता हूं।

सैयद मुजतबा हुसैनी ख़ामेनेई

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