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हज़रत ज़ैनब (स) की हक़ की आवाज़ और बसीरत से भरपूर तक़रीर जंग के मैदान में मुजाहिदों की तलवारों से कम नहीं थी

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हज़रत ज़ैनब (स) की हक़ की आवाज़ और बसीरत से भरपूर तक़रीर जंग के मैदान में मुजाहिदों की तलवारों से कम नहीं थी

ईरान के प्रांत लुरिस्तान में वली-ए-फ़क़ीह के प्रतिनिधि हुज्जतुल इस्लाम वल मुस्लिमीन सैयद अहमद रज़ा शाहेरखी ने कहा कि हज़रत ज़ैनब कुबरा सलामुल्लाह अलैहा ने आज़ादी, सम्मान और हक़ की मांग का संदेश इतिहास के कोने-कोने तक पहुंचाया। अपनी बसीरत से भरपूर और मज़बूत वाणी के माध्यम से उन्होंने हक़ की रक्षा में वही प्रभाव दिखाया, जो जंग के मैदान में मुजाहिदों की तलवारें दिखाती हैं।

ईरान के प्रांत लुरिस्तान में वली-ए-फ़क़ीह के प्रतिनिधि हुज्जतुल इस्लाम वल मुस्लिमीन सैयद अहमद रज़ा शाहेरखी ने हज़रत ज़ैनब कुबरा सलामुल्लाह अलैहा के जन्मदिवस और नर्स दिवस के अवसर पर बधाई संदेश जारी किया। उनके संदेश का पूरा पाठ इस प्रकार है:

बिस्मिल्लाहिर्रहमानिर्रहीम

पांच जमादिउल अव्वल, बनी हाशिम की महान महिला हज़रत ज़ैनब कुबरा सलामुल्लाह अलैहा की विलादत-ए-बासआदत का दिन है। आप ईमान, पवित्रता, बसीरत और स्वतंत्रता के क्षेत्र में उच्च स्थान रखने वाली महान महिला हैं। आप इस्मत और तहारत के परिवार के गुलशन का एक चमकता हुआ रत्न हैं। आपकी मुबारक हस्ती में पैग़म्बरे इस्लाम सल्लल्लाहु अलैहि व आलिहि के श्रेष्ठ आचरण, इमाम अली अलैहिस्सलाम की पाकीज़ा सीरत और हज़रत फ़ातिमा ज़हरा सलामुल्लाह अलैहा की आध्यात्मिक पवित्रता झलकती थी। आपकी मुबारक विलादत ने श्रेष्ठता, पाकदामनी, धैर्य और ज़िम्मेदारी के एहसास के इतिहास में एक उज्ज्वल अध्याय जोड़ा।

आप सभी पीढ़ियों के लिए एक महान महिला और बेमिसाल आदर्श हैं। आपने सच्चाइयों को स्पष्ट करके तथा लोगों में चेतना और जागरूकता पैदा करके आज़ादी, सम्मान और हक़ की मांग का संदेश इतिहास के कोने-कोने तक पहुंचाया। आपकी बसीरत से भरपूर और दृढ़ वाणी ने हक़ की रक्षा में वही प्रभाव दिखाया, जो जंग के मैदान में मुजाहिदों की तलवारें दिखाती हैं।

हज़रत ज़ैनब कुबरा सलामुल्लाह अलैहा की विलादत-ए-बासआदत का नर्स दिवस के साथ होना, नर्सिंग के पेशे के उच्च स्थान का सम्मान करने और उन मानवतावादी सेवाकर्मियों की सराहना करने का एक बेहतरीन अवसर है, जो आपकी प्रकाशमान सीरत से प्रेरणा लेकर इंसानों की सेवा, मरीजों के दर्द और परेशानियों को कम करने तथा समाज के स्वास्थ्य की रक्षा के लिए प्रयासरत रहते हैं। ये लोग अपनी सहानुभूतिपूर्ण उपस्थिति से मरीजों और उनके परिजनों को आशा और सुकून प्रदान करते हैं।

इस्लामी गणराज्य ईरान के नर्सिंग समुदाय ने देश के गौरवशाली इतिहास के विभिन्न दौरों में त्याग और निष्ठा के साथ सेवा की शानदार मिसालें पेश की हैं। आठ वर्षीय पवित्र रक्षा के दौरान नर्सों की प्रभावी और ज़िम्मेदाराना सेवाएं, कोरोना महामारी के कठिन दौर में उनकी अथक कोशिशें तथा थोपी गई दूसरी और तीसरी जंगों के दौरान उनका सराहनीय संघर्ष, पेशेवर ज़िम्मेदारी, वतन से मोहब्बत और मानवीय एवं इस्लामी मूल्यों के प्रति उनकी प्रतिबद्धता के स्पष्ट उदाहरण हैं।

स्वास्थ्य व्यवस्था में नर्सों की भूमिका विशेष महत्व रखती है। उनके पेशेवर सम्मान, स्थान और प्रतिष्ठा की रक्षा, वेतन और सुविधाओं का समय पर तथा न्यायसंगत भुगतान, कानूनी मांगों को पूरा करना, काम की कठिन परिस्थितियों पर ध्यान देना, नौकरी की सुरक्षा सुनिश्चित करना और पेशेवर ज़िम्मेदारियों को बेहतर ढंग से निभाने के लिए आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराना ऐसे महत्वपूर्ण कदम हैं, जिनसे इस मूल्यवान वर्ग का मनोबल, संतोष और सेवा करने की क्षमता बढ़ सकती है।

नर्सिंग समुदाय हमेशा अपने राष्ट्रीय हितों के दायरे में रहते हुए और राष्ट्र के शुभचिंतकों के विरोधियों के नकारात्मक प्रोपेगेंडा से दूर, कानूनी तरीकों से अपनी मांगें प्रस्तुत करता है।

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