कोलकाता में इस्लामी शिक्षाओं के तहत विलायत समारोह

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कोलकाता में इस्लामी शिक्षाओं के तहत विलायत समारोह

कोलकाता में ईद-ए-सईद ग़दीर के अवसर पर इस्लामी शिक्षाओं के प्रमुख मौलाना मुहम्मद तय्यब अली अंसारी क़ुम्मी की ओर से शाही मस्जिद, आयरन गेट, मटियाबुर्ज में विलायत का भव्य समारोह, तरही महफ़िल-ए-मुक़ासिदा और अज़ान प्रतियोगिता का शानदार आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में उलेमा, शायर और बड़ी संख्या में मोमिनीन ने भाग लिया।

 कोलकाता (मटियाबुर्ज) में ईद-ए-अकबर, ईद-ए-सईद ग़दीर और अमीरुल मोमिनीन हज़रत अली इब्न अबी तालिब (अ.) के राज्याभिषेक की खुशी में इस्लामी शिक्षाओं वेबसाइट के प्रमुख मौलाना मुहम्मद तैय्यब अली अंसारी क़ुम्मी की देखरेख में यह भव्य आयोजन किया गया। इस आध्यात्मिक और बर्कतपूर्ण महफ़िल में उलेमा, शायर, सम्मानित नागरिकों, युवाओं और बड़ी संख्या में मोमिनीन ने शामिल होकर ईद-ए-ग़दीर की खुशियों में भाग लिया।

कार्यक्रम का आरंभ पवित्र क़ुरआन की तिलावत से हुआ, जिसके बाद नात, मनक़बत और ग़दीर से संबंधित अशआर प्रस्तुत किए गए। अहले बैत (अ.) के शायर जनाब अकील अब्बास ने मंच संचालन बहुत ही सुंदर और व्यवस्थित ढंग से किया और पूरे कार्यक्रम को सफलतापूर्वक आगे बढ़ाया।

इस अवसर पर आयोजित तरही महफ़िल-ए-मुक़ासिदा में शायरों ने दिए गए मिसरे “यह देखना कि ग़दीरी अज़ान है कि नहीं” पर अपने खूबसूरत कलाम प्रस्तुत किए, जिन्हें उपस्थित लोगों ने बेहद सराहा।

महफ़िल को संबोधित करते हुए मौलाना शादाब हुसैन ने अज़ान की महानता, उसके आध्यात्मिक प्रभाव और इस्लामी समाज में उसके महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि अज़ान केवल नमाज़ की पुकार नहीं, बल्कि तौहीद, रिसालत और विलायत का व्यावहारिक ऐलान है, जो इंसान को अल्लाह की बंदगी और सच्चे दीन की ओर बुलाता है। उन्होंने युवाओं को अज़ान के संदेश को समझने और उस पर अमल करने की नसीहत की।

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इसी प्रकार मौलाना शकील अहमद ने अपने संबोधन में अज़ान की अदायगी के आदाब, शर्तों और आवश्यक नियमों पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने कहा कि मुअज़्ज़िन को चाहिए कि वह अज़ान देते समय उच्चारण, आवाज़ की सुंदरता, विनम्रता और शरीअत के आदाब का पूरा ध्यान रखे, क्योंकि अज़ान इस्लाम के महानतम प्रतीकों में से एक है।

कार्यक्रम की एक महत्वपूर्ण विशेषता अज़ान प्रतियोगिता थी, जिसमें लगभग 30 बच्चों और युवाओं ने भाग लिया। प्रतिभागियों ने बहुत सुंदर अंदाज़ में अज़ान पेश की, जिसे दर्शकों ने खूब सराहा। प्रतियोगिता के परिणाम के अनुसार निम्न प्रतिभागियों को विजेता घोषित किया गया:

  • प्रथम स्थान: फैज़ हुसैन पुत्र प्रवेज़ हुसैन (मटियाबुर्ज)
  • द्वितीय स्थान: मीज़ान अली मिर्ज़ा पुत्र मुहम्मद जाफ़र सादिक़ (मल्कपुर)
  • तृतीय स्थान: मुहम्मद मिनहाल हुसैन पुत्र अबराद हुसैन

आयोजकों की ओर से सभी प्रतिभागियों को प्रोत्साहित करने के लिए उपहार दिए गए, जबकि शीर्ष स्थान प्राप्त करने वाले बच्चों को विशेष ग़दीर उपहारों से सम्मानित किया गया। इस पहल को उपस्थित लोगों ने खूब सराहा और इसे युवा पीढ़ी में धार्मिक मूल्यों को बढ़ावा देने का एक महत्वपूर्ण कदम बताया।

कोलकाता में इस्लामी शिक्षाओं के तहत विलायत समारोह, तरही महफ़िल-ए-मक़ासेदा और अज़ान प्रतियोगिता का शानदार आयोजन

इस बर्कतपूर्ण महफ़िल में मौलाना सैयद अमान हैदर रज़वी, मौलाना अली मुहम्मद (मदरसा इमाम अली, मटियाबुर्ज), मौलाना तक़ी अब्बास रज़वी, मौलाना शकील अहमद, मौलाना मुकब्बिर हसन खान, मौलाना शाह अली और मौलाना शादाब हुसैन सहित कई उलेमा शामिल हुए। जबकि शायरों में शिराज़ी हुसैन शिराज़ी, सुल्तान हुसैन, अशफ़ाक़ हुसैन, ज़ुल्फ़िकार हुसैन, दानिश हुसैन, नौशाद अली कलकत्तवी, यावर हुसैन और अकील अब्बास आदि ने अपनी साहित्यिक प्रस्तुतियाँ दीं।

कोलकाता में इस्लामी शिक्षाओं के तहत विलायत समारोह, तरही महफ़िल-ए-मक़ासेदा और अज़ान प्रतियोगिता का शानदार आयोजन

कार्यक्रम के अंत में मौलाना अली मुहम्मद और मौलाना मुहम्मद तय्यब अली अंसारी क़ुम्मी ने सभी उलेमा, शायरों, सहयोगियों, जजों, प्रतिभागियों और उपस्थित लोगों का धन्यवाद किया। उन्होंने कहा कि ईद-ए-ग़दीर का संदेश उम्मत में एकता, अहले बैत (अ) से प्रेम और धार्मिक चेतना को बढ़ावा देने का है, और ऐसे कार्यक्रम नई पीढ़ी को दीन से जोड़ने में अहम भूमिका निभाते हैं।

अंत में पूरी उम्मत, देश और समुदाय की भलाई, प्रगति और शांति के लिए विशेष दुआ की गई। इमाम-ए-ज़माना (अ.) की दुआ के साथ यह रोशन और यादगार महफ़िल सम्पन्न हुई।

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