ट्रंप ने ईरान के साथ युद्ध छेड़कर अमेरिका को रणनीतिक गतिरोध में फंसाया

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ट्रंप ने ईरान के साथ युद्ध छेड़कर अमेरिका को रणनीतिक गतिरोध में फंसाया

अमेरिका के पूर्व ऊर्जा मंत्री अर्नेस्ट मोनिज़ ने ईरान के साथ डोनाल्ड ट्रंप द्वारा पूर्ण युद्ध शुरू करने के फैसले को बड़ी ग़लती क़रार दिया है। उन्होंने कहा कि इस युद्ध ने अमेरिका को ऐसे रणनीतिक गतिरोध में पहुंचा दिया है, जिससे बाहर निकलना बेहद मुश्किल होगा।

अंतरराष्ट्रीय मामलों के अनुसार, 2015 में हुए ईरान परमाणु समझौते (JCPOA) में अमेरिका की ओर से वार्ताकार रहे और ओबामा प्रशासन में ऊर्जा मंत्री रह चुके अर्नेस्ट मोनिज़ ने फाइनेंशियल टाइम्स के साथ एक साक्षात्कार में ओबामा काल के परमाणु समझौते का बचाव किया।

मोनिज़ ने दावा किया कि, अगर परमाणु समझौता बरक़रार रहता, तो इस साल ईरान के साथ मौजूदा युद्ध कभी नहीं होता। उनके अनुसार, डोनाल्ड ट्रंप ने पहले परमाणु समझौते से अमेरिका को बाहर निकाला और उसके बाद ईरान के साथ पूर्ण युद्ध शुरू करके अमेरिका को एक गंभीर रणनीतिक गतिरोध में फंसा दिया।

जब उनसे पूछा गया कि यदि 2015 का परमाणु समझौता क़ायम रहता तो क्या इस साल ईरान के साथ युद्ध होता, तो मोनिज़ ने स्पष्ट रूप से कहा, “ओह, बिल्कुल नहीं।

उन्होंने बताया कि उस समझौते के तहत ईरान के लिए 300 किलोग्राम से अधिक समृद्ध यूरेनियम रखना प्रतिबंधित था और यूरेनियम संवर्धन की सीमा 3.67 प्रतिशत निर्धारित की गई थी। इसके विपरीत, उनके अनुसार, अब ईरान के पास लगभग 10 टन समृद्ध यूरेनियम है, जिसमें क़रीब आधा टन 60 प्रतिशत तक संवर्धित यूरेनियम शामिल है।

मोनिज़ ने कहा कि जून 2025 में ईरान की परमाणु सुविधाओं पर बमबारी किए जाने तक ईरान के पास पहले से ही कई परमाणु बमों के लिए आवश्यक सामग्री मौजूद थी।

उन्होंने चेतावनी दी कि, ईरान के साथ संघर्ष से क्षेत्रीय सुरक्षा, परमाणु अप्रसार और अमेरिकी नागरिकों की जान के लिए बेहद गंभीर ख़तरे पैदा हो गए हैं।

ट्रंप द्वारा ईरान के साथ पूर्ण युद्ध शुरू करने के फैसले का जिक्र करते हुए मोनिज़ ने इसे “एक बड़ी ग़लती” बताया। उन्होंने कहा कि इस युद्ध ने अमेरिका को ऐसे गतिरोध में डाल दिया है, जिससे निकलना आसान नहीं होगा।

मोनिज़ ने ट्रंप के बार-बार युद्ध समाप्त करने के दावों पर भी व्यंग्य किया। उन्होंने कहा, “मेरा मन करता है कि मैं उन्हें उस किताब पर उनके हस्ताक्षर की एक तस्वीर भेजूं, क्योंकि अगली बार उनकी बारी थी।

उन्होंने मजाकिया अंदाज में यह भी कहा कि ट्रंप शायद उसी नोबेल शांति पुरस्कार के हकदार हैं, जिसकी वह लंबे समय से इच्छा जताते रहे हैं, क्योंकि वह अब तक आठ बार ईरान युद्ध समाप्त करने का दावा कर चुके हैं।

मोनिज़ की यह टिप्पणी 2015 में ट्रंप द्वारा उनके लिए लिखे गए एक व्यंग्यात्मक संदेश के संदर्भ में थी। उस समय एक टेलीविजन कार्यक्रम के दौरान ट्रंप ने अपनी किताब पर मोनिज़ के लिए लिखा था: “प्रिय अर्नेस्ट, अगली बार तुम्हारी किस्मत बेहतर हो।

उन्होंने ट्रंप पर बढ़ते घरेलू दबाव का भी उल्लेख किया। उनके अनुसार, पेट्रोल की बढ़ती कीमतों के कारण नवंबर में होने वाले मध्यावधि चुनावों से पहले अमेरिकी राष्ट्रपति की लोकप्रियता अपने सबसे निचले स्तर पर पहुंच गई है। हालांकि, मोनिज़ का मानना है कि मौजूदा परिस्थितियों में ट्रंप के खिलाफ परिस्थितियां अधिक मजबूत हैं।

मोनिज़ ने कहा कि विश्वास एक बहुत बड़ा मुद्दा होगा। इसी वजह से उनके अनुसार 2015 के परमाणु समझौते के कई प्रावधानों, विशेष रूप से परमाणु गतिविधियों के सत्यापन से संबंधित प्रावधानों को दोबारा लागू करना भी बेहद मुश्किल होगा।

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