ईरानी सरकार रहबर ए इंकेलाब के निर्देशों पर पूरी तरह अमल करेगी

Rate this item
(0 votes)
ईरानी सरकार रहबर ए इंकेलाब के निर्देशों पर पूरी तरह अमल करेगी

ईरानी सरकार ने इस्लामी क्रांति के रहबर आयतुल्लाह सैयद मुजतबा ख़ामेनेई के निर्देशों पर पूरी तरह अमल करने का संकल्प व्यक्त करते हुए राष्ट्रीय एकता की रक्षा, जनता की अर्थव्यवस्था में सुधार तथा कूटनीति और रक्षा के क्षेत्रों को मज़बूत करने की घोषणा की है।

विवरण के अनुसार, राष्ट्रपति मसूद पिज़ेशकियान की कैबिनेट ने शनिवार को एक बयान जारी कर कहा कि सरकार सभी बड़े राजनीतिक, आर्थिक, सामाजिक और सांस्कृतिक फैसलों के साथ राष्ट्रीय एकता के परिशिष्ट को शामिल करेगी, ताकि सामाजिक विभाजन से बचा जा सके।

रहबर-ए-इंकेलाब आयतुल्लाह सैयद मुजतबा ख़ामेनेई के नाम जारी बयान में कैबिनेट ने कहा कि सरकार सप्ताह-ए-हुकूमत के अवसर पर रहबर-ए-इंकेलाब के उम्मीद बढ़ाने वाले संदेश को देश की सेवा करने वालों के लिए प्रेरणादायक मानती है।

बयान में सरकार ने शहीद राष्ट्रपतियों मोहम्मद अली रजाई और सैयद इब्राहीम रईसी, पूर्व प्रधानमंत्री मोहम्मद जवाद बाहनर तथा अन्य सरकारी शहीदों को श्रद्धांजलि देते हुए संस्थापक रहबर-ए-इंकेलाब और वर्तमान रहबर-ए-इंकलाब के मार्ग पर चलते रहने के संकल्प को दोहराया।

ईरानी कैबिनेट ने कहा कि सरकार देश की जटिल आर्थिक समस्याओं के समाधान, महंगाई पर नियंत्रण, बाजार के बेहतर प्रबंधन, रोजगार के अवसर पैदा करने, निवेश को राष्ट्रीय उत्पादन की ओर स्थानांतरित करने और डॉलर पर निर्भरता को धीरे-धीरे कम करने के लिए अपने प्रयास जारी रखेगी।

बयान में कहा गया कि सरकार प्रतिरोधी अर्थव्यवस्था की नीतियों को आगे बढ़ाते हुए देश की आंतरिक क्षमताओं का इस्तेमाल करके जनता के जीवन स्तर को बेहतर बनाने का प्रयास करेगी।

सरकार ने कहा कि रहबर-ए-इंकेलाब की ओर से सामाजिक एकता को नुकसान पहुंचाने वाले कदमों से बचने के स्पष्ट निर्देश के अनुसार, सभी बड़े राजनीतिक, आर्थिक, सामाजिक और सांस्कृतिक फैसलों में राष्ट्रीय एकता के परिशिष्ट को शामिल किया जाएगा।

बयान में कहा गया कि समाज में गलत विभाजन पैदा करने वाली सोच और निराशा फैलाने वाली बातों से बचना सरकार की स्पष्ट जिम्मेदारी है।

कैबिनेट ने प्रौद्योगिकी, शिक्षा, कृषि, उद्योग, संचार और संस्कृति के क्षेत्रों में विकास की प्रक्रिया तेज करने का संकल्प व्यक्त किया, ताकि ईरान वैज्ञानिक क्षेत्र में और अधिक प्रगति करे और इस्लामी क्रांति के दूसरे चरण के घोषणापत्र के लक्ष्यों को हासिल किया जा सके।

विदेश नीति के संबंध में सरकार ने कहा कि ईरान की कूटनीति सम्मान, विवेक और हित के सिद्धांतों पर आधारित रहेगी तथा अमेरिकी और ज़ायोनी दबाव, प्रतिबंधों और साजिशों के मुकाबले प्रतिरोध जारी रखा जाएगा।

बयान में कहा गया कि कूटनीति और रक्षा राष्ट्रीय हितों, सुरक्षा और देश की क्षेत्रीय अखंडता की रक्षा के लिए दो जुड़े हुए, पूरक और अविभाज्य स्तंभ हैं।

ईरानी कैबिनेट ने संकल्प व्यक्त किया कि वह अपनी सभी क्षमताओं के साथ एक और अधिक मजबूत ईरान के निर्माण और ईरानी जनता की सेवा के लिए लगातार काम करती रहेगी।

Read 3 times