आयतुल्लाहिल अज़्मा शुबैरी ज़ंजानी फिक़्ह और नैतिकता के शिखर पर थे

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आयतुल्लाहिल अज़्मा शुबैरी ज़ंजानी फिक़्ह और नैतिकता के शिखर पर थे

क़ुम के हौज़ा-ए-इल्मिया के जामेअ मुदर्रिसीन ने आयतुल्लाह अज़्मा शुबैरी ज़ंजानी के निधन पर शोक व्यक्त करते हुए कहा कि यह परहेज़गार फ़क़ीह शैक्षिक और नैतिक स्थान के साथ-साथ आध्यात्मिक गुणों और विशेषताओं में भी उच्च शिखर पर थे।

आयतुल्लाहिल अज़्मा शुबैरी ज़ंजानी के निधन पर जामेअ मुदर्रेसीन हौज़ा-ए-इल्मिया क़ुम की ओर से जारी शोक संदेश का पूरा पाठ इस प्रकार है:

बिस्मिल्लाहिर्रहमानिर्रहीम

इन्ना लिल्लाहे व इन्ना इलैहे राजेऊन

इमाम जाफ़र सादिक़ अलैहिस्सलाम ने फ़रमाया: إذا ماتَ المُؤمِنُ الفَقیه ثُلِمَ فی الإِسلامِ ثُلمَةٌ لا یَسُدُّها شَیء “जब कोई मोमिन फ़क़ीह दुनिया से चला जाता है तो इस्लाम में ऐसा खालीपन पैदा हो जाता है, जिसे कोई चीज़ पूरा नहीं कर सकती।”

शिया समुदाय के महान मरजा-ए-तक़लीद हज़रत आयतुल्लाहिल अज़्मा हाजी सय्यद मूसा शुबैरी ज़ंजानी रिज़वानुल्लाहे तआला अलैह के निधन से गहरा दुख और शोक हुआ।

यह परहेज़गार फ़क़ीह शैक्षिक और नैतिक स्थान के साथ-साथ आध्यात्मिक गुणों और विशेषताओं में भी उच्च शिखर पर थे। उनका अध्यापन केंद्र इस्लामी उलूम के छात्रों के लिए ज्ञान से भरपूर और आकर्षक शिक्षण केंद्रों में से एक था।

असंख्य विद्वानों ने इस महान मरजा-ए-तक़लीद के व्यापक शैक्षिक और नैतिक ज्ञान से लाभ उठाया और आने वाली पीढ़ियों तक ज्ञान और फ़िक़्ह के प्यासे लोग उनके ज्ञान के स्रोत से लाभान्वित होते रहेंगे।

वह विनम्र, परहेज़गार और सादा जीवन जीने वाले शिक्षक थे। इज्तिहाद की क्षमता, फ़िक़्ह और फ़क़ीहों के विचारों पर व्यापक पकड़ तथा फ़िक़्ही ज्ञान की शक्ति और गहराई के मामले में अदित्तीय थे। इल्म-ए-रिजाल के क्षेत्र में भी वह समकालीन विद्वानों में सबसे प्रतिष्ठित और प्रमुख विद्वानों में गिने जाते थे।

जामेअ मुदर्रेसीन हौज़ा-ए-इल्मिया क़ुम के इस महान शोक पर सर्वोच्च नेता (म), मरजअ तक़लीद, हौज़ा-ए-इल्मिया, ईरान की सम्मानित जनता, विशेष रूप से क़ुम के सम्मानित लोगों, जिन्होंने वर्षों तक हज़रत मासूमा सलामुल्लाह अलैहा के पवित्र हरम में उनकी इमामत वाली नमाज़ से आध्यात्मिक लाभ प्राप्त किया, तथा उस परहेज़गार विद्वान के सम्मानित परिवार और उनके विद्वान पुत्रों के प्रति अपनी हार्दिक संवेदना और शोक प्रकट करता है।

जामेअ मुदर्रेसीन अल्लाह तआला से उस महान विद्वान के दर्जे को ऊंचा करने तथा उनके परिवार, परिजनों, श्रद्धालुओं और अनुयायियों को धैर्य और सवाब प्रदान करने की दुआ करता है।

जामेअ मुदर्रेसीन हौज़ा-ए-इल्मिया क़ुम

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