मिनाब स्कूल पर हमले के ज़िम्मेदार लोगों को जवाबदेह ठहराना होगा

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मिनाब स्कूल पर हमले के ज़िम्मेदार लोगों को जवाबदेह ठहराना होगा

ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराक़ची ने कहा है कि मिनाब के शजरे तैय्यबा स्कूल पर हमले के ज़िम्मेदार लोगों और हमले का आदेश देने वालों को जवाबदेह ठहराना विदेश मंत्रालय की ज़िम्मेदारी है।

सैयद अब्बास अराक़ची ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर बताया कि उन्हें मिनाब के शजरे तैय्यबा स्कूल पर हुए हमले में जीवित बची छात्रा फ़ातिमा ज़हेरा शेख़ आबादी का एक पत्र मिला है।

उन्होंने लिखा कि आज ‘पर्यावरण विनाश: एक मौन अपराध’ शीर्षक से आयोजित अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन के अवसर पर उन्हें फ़ातिमा ज़हरा का पत्र मिला। इस पत्र में छात्रा ने अपनी उन सहेलियों और सहपाठियों को याद किया, जो अमेरिकी हमले में शहीद हो गई थीं। इनमें नियायश, सोनाज़, बारान और ज़ैनब के नाम शामिल हैं।

अराक़ची के अनुसार, फ़ातिमा ज़हेरा ने अपने पत्र में लिखा कि वह इसलिए जीवित बची, ताकि अपनी सहेलियों के बारे में दुनिया को बता सके और उनकी यादों को जीवित रख सके। छात्रा ने संयुक्त राष्ट्र से सवाल किया कि इस त्रासदी और बच्चों के अधिकारों की रक्षा के लिए वह कार्रवाई क्यों नहीं करता। उसने ईरानी जनता से भी अपील की कि वे उसकी सहेलियों को कभी न भूलें।

ईरान के विदेश मंत्री ने कहा कि यह पत्र उनके और विदेश मंत्रालय के सहयोगियों के लिए केवल संवेदना व्यक्त करने का मामला नहीं है, बल्कि यह उन्हें अपनी जिम्मेदारी का एहसास भी कराता है।

उन्होंने जोर देकर कहा कि विदेश मंत्रालय की वास्तविक जिम्मेदारी इस घटना से जुड़े तथ्यों को सुरक्षित रखना, इसके खिलाफ कानूनी और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कार्रवाई करना तथा हमले के जिम्मेदार लोगों और इसका आदेश देने वालों को जवाबदेह ठहराना है।

अंत में अराक़ची ने कहा कि वह फ़ातिमा ज़हेरा की आवाज़ को अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं तक पहुंचाना अपना कर्तव्य समझते हैं।

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