فَالِقُ الْإِصْبَاحِ وَجَعَلَ اللَّيْلَ سَكَنًا وَالشَّمْسَ وَالْقَمَرَ‌ حُسْبَانًا ۚ ذَٰلِكَ تَقْدِيرُ‌ الْعَزِيزِ الْعَلِيمِ

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उसी के लिए सुबह की पौ फटी और उसी ने आराम के लिए रात और हिसाब के लिए सूरज और चाँद बनाए ये ख़ुदाए ग़ालिब व दाना के मुक़र्रर किए हुए किरदा (उसूल) हैं [6:96]

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क़ुरआन की शरण में

“या मन अरजूहो” दुआ के आखिर में दाहिना हाथ क्यों हिलाया जाता है?
“या मन अरजूहो” दुआ के आखिर में दाहिना हाथ क्यों हिलाया जाता है?
“या मन अरजूहो, सभी भलाई के लिए” दुआ रजब महीने की असली दुआओ में से एक है, जिसके साथ इमाम (अ) से एक खास प्रैक्टिकल…