क़ुरआन की शरण में (24)
ईश्वरीय आतिथ्य
अप्रैल 12, 2025 - 245 hit(s)
रमज़ान के महीने में नमाज़ के बाद जिन दुआओं के पढ़ने की सिफ़ारिश की गई है, उनमें से एक दुआए…
कुरआने करीम मे इमामो के नाम
अप्रैल 08, 2025 - 176 hit(s)
ने इस मे हर चीज़ को बयान किया है जैसा कि कुरआने करीम मे इरशाद हुआ हैः ” وَ نَزَّلْنا…
क़ुरआन मे तहरीफ नही हुई
अप्रैल 08, 2025 - 224 hit(s)
क़ुरआन की फेरबदल से सुरक्षा पैगम्बरों और र्इश्वरीय दूतो के उद्देश्यों की पूर्ति के लिए यह आवश्यक था कि र्इश्वरीय…
क़ुरआन और सदाचार
मार्च 29, 2025 - 173 hit(s)
इस में कोई शक नही है कि सदाचार हर समय में महत्वपूर्ण रहा हैं। परन्तु वर्तमान समय में इसका महत्व…
रमज़ान उल मुबारक का महीना नेकियों की प्राप्ति का साधन
मार्च 03, 2025 - 209 hit(s)
हज़रत इमाम हसन मुजdतबा (अ) ने रमज़ान उल मुबारक के महीने को विश्वासियों के लिए अच्छे कर्मों को प्राप्त करने…
: قال رسول الله صلی اللہ علیه وآله وسلم
मार्च 15, 2024 - 540 hit(s)
إِنَّ فِي الْجَنَّةِ بَابًا يُقَالُ لَهُ: الرَّيَّانُ، يَدْخُلُ مِنْهُ الصَّائِمُونَ يَوْمَ الْقِيَامَةِ، لا يَدْخُلُ مِنْهُ أَحَدٌ غَيْرُهُمْ، يُقَالُ: أَيْنَ الصَّائِمُونَ؟…
بَقِيَّتُ اللَّـهِ خَيْرٌ لَّكُمْ إِن كُنتُم مُّؤْمِنِينَ
अप्रैल 29, 2018 - 2497 hit(s)
यदि तुम मोमिन हो तो जो अल्लाह के पास शेष रहता है वही तुम्हारे लिए उत्तम है। मैं तुम्हारे ऊपर…
نَبِّئْ عِبَادِي أَنِّي أَنَا الْغَفُورُ الرَّحِيمُ
अप्रैल 24, 2016 - 2623 hit(s)
मेरे बन्दों को सूचित कर दो कि मैं अत्यन्त क्षमाशील, दयावान हूँ; [15:49]
وَاللَّـهُ الَّذِي أَرْسَلَ الرِّيَاحَ فَتُثِيرُ سَحَابًا فَسُقْنَاهُ إِلَىٰ بَلَدٍ مَّيِّتٍ فَأَحْيَيْنَا بِهِ الْأَرْضَ بَعْدَ مَوْتِهَا ۚ كَذَٰلِكَ النُّشُورُ
अप्रैल 10, 2016 - 2154 hit(s)
अल्लाह ही तो है जिसने हवाएँ चलाई फिर वह बादलों को उभारती है, फिर हम उसे किसी शुष्क और निर्जीव…
وَمَا أَرْسَلْنَاكَ إِلَّا رَحْمَةً لِّلْعَالَمِينَ
दिसम्बर 28, 2015 - 2180 hit(s)
हमने तुम्हें सारे संसार के लिए बस एक सर्वथा दयालुता बनाकर भेजा है [21:107]
وَكَذَٰلِكَ أَنزَلْنَاهُ آيَاتٍ بَيِّنَاتٍ وَأَنَّ اللَّـهَ يَهْدِي مَن يُرِيدُ
दिसम्बर 19, 2015 - 2083 hit(s)
इसी प्रकार हमने इस (क़ुरआन) को स्पष्ट आयतों के रूप में अवतरित किया। और बात यह है कि अल्लाह जिसे…
إِنَّ الَّذِينَ آمَنُوا وَعَمِلُوا الصَّالِحَاتِ كَانَتْ لَهُمْ جَنَّاتُ الْفِرْدَوْسِ نُزُلًا
दिसम्बर 05, 2015 - 2290 hit(s)
निश्चय ही जो लोग ईमान लाए और उन्होंने अच्छे कर्म किए उनके आतिथ्य के लिए फ़िरदौस के बाग़ होंगे [18:107]
إِنَّ فِي اخْتِلَافِ اللَّيْلِ وَالنَّهَارِ وَمَا خَلَقَ اللَّـهُ فِي السَّمَاوَاتِ وَالْأَرْضِ لَآيَاتٍ لِّقَوْمٍ يَتَّقُونَ ﴿٦﴾
अगस्त 16, 2015 - 2314 hit(s)
निस्संदेह रात और दिन के उलट-फेर में और जो कुछ अल्लाह ने आकाशों और धरती में पैदा किया उसमें डर…
يَا أَيُّهَا الَّذِينَ آمَنُوا اذْكُرُوا اللَّـهَ ذِكْرًا كَثِيرًا
अप्रैल 13, 2014 - 2608 hit(s)
ऐ ईमान लानेवालो! अल्लाह को अधिक याद करो[33:41]
وَسَخَّرَ لَكُمُ اللَّيْلَ وَالْنَّهَارَ وَالشَّمْسَ وَالْقَمَرَ وَالْنُّجُومُ مُسَخَّرَاتٌ بِأَمْرِهِ إِنَّ فِي ذَلِكَ لَآيَاتٍ لِّقَوْمٍ يَعْقِلُونَ
जनवरी 28, 2014 - 2456 hit(s)
और उसने तुम्हारे लिए रात और दिन को और सूर्य और चन्द्रमा को कार्यरत कर रखा है। और तारे भी…
مَرَجَ الْبَحْرَيْنِ يَلْتَقِيَانِ ﴿١٩﴾ بَيْنَهُمَا بَرْزَخٌ لَّا يَبْغِيَانِ ﴿٢٠﴾
जनवरी 04, 2014 - 2658 hit(s)
उसने दो समुद्रो को प्रवाहित कर दिया, जो आपस में मिल रहे होते है। (19) उन दोनों के बीच एक…
وَأَذِّن فِي النَّاسِ بِالْحَجِّ يَأْتُوكَ رِجَالًا وَعَلَىٰ كُلِّ ضَامِرٍ يَأْتِينَ مِن كُلِّ فَجٍّ عَمِيقٍ
अगस्त 24, 2013 - 4542 hit(s)
और लोगों में हज के लिए उद्घोषणा कर दो कि "वे प्रत्येक गहरे मार्ग से, पैदल भी और दुबली-दुबली ऊँटनियों…
شَهْرُ رَمَضَانَ الَّذِي أُنزِلَ فِيهِ الْقُرْآنُ هُدًى لِّلنَّاسِ وَبَيِّنَاتٍ مِّنَ الْهُدَىٰ وَالْفُرْقَانِ
जुलाई 09, 2013 - 3209 hit(s)
रमज़ान का महीना जिसमें कुरआन उतारा गया लोगों के मार्गदर्शन के लिए, और मार्गदर्शन और सत्य-असत्य के अन्तर के प्रमाणों…
وَهُوَ الَّذِي أَنزَلَ مِنَ السَّمَاءِ مَاءً فَأَخْرَجْنَا بِهِ نَبَاتَ كُلِّ شَيْءٍ فَأَخْرَجْنَا مِنْهُ خَضِرًا نُّخْرِجُ مِنْهُ حَبًّا مُّتَرَاكِبًا
जून 10, 2013 - 3070 hit(s)
और वही है जिसने आकाश से पानी बरसाया, फिर हमने उसके द्वारा हर प्रकार की वनस्पति उगाई; फिर उससे हमने…
اعْلَمُوا أَنَّ اللَّـهَ يُحْيِي الْأَرْضَ بَعْدَ مَوْتِهَا ۚ قَدْ بَيَّنَّا لَكُمُ الْآيَاتِ لَعَلَّكُمْ تَعْقِلُونَ
मार्च 18, 2013 - 4662 hit(s)
जान लो, अल्लाह धरती को उसकी मृत्यु के पश्चात जीवन प्रदान करता है। हमने तुम्हारे लिए आयतें खोल-खोलकर बयान कर…
- प्रारंभ करना
- पीछे
- 1
- 2(current)
- अगला(current)
- अंत(current)